*कुसमी में 4 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती का खुलासा: झारखंड के व्यक्ति ने लीज पर ली थी जमीन, पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई* *फूलों की खेती के नाम पर ग्रामीणों को किया गया था गुमराह*
*बलरामपुर में 4 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती का खुलासा: झारखंड के व्यक्ति ने लीज पर ली थी जमीन, पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई* *फूलों की खेती के नाम पर ग्रामीणों को किया गया था गुमराह* *जंगलों से घिरी जमीन पर व्यवस्थित तरीके से उगाए गए पौधे* *कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर* पहुंचे
*कुसमी में 4 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती का खुलासा: झारखंड के व्यक्ति ने लीज पर ली थी जमीन, पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई*
*फूलों की खेती के नाम पर ग्रामीणों को किया गया था गुमराह*
*जंगलों से घिरी जमीन पर व्यवस्थित तरीके से उगाए गए पौधे*
*कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर* पहुंचे
लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर 10 फरवरी 2026 : पड़ोसी जिले बलरामपुर के कुसमी थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरनाटोली में करीब 4 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अफीम के पौधे लगाए गए थे। सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पौधों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार सरनाटोली निवासी रूपदेव राम पिता ठाकुर राम और कौशिल पिता रुंगु की करीब 4 एकड़ जमीन झारखंड के एक व्यक्ति ने किराये पर ली थी। बताया जा रहा है कि जमीन मालिकों को फूलों की खेती करने की बात कहकर बरगलाया गया था। बाद में उसी जमीन पर अफीम की खेती की गई।
जब ग्रामीणों को संदेह हुआ कि खेत में अफीम के पौधे लगाए गए हैं, तो इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम
मामले की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह कुसमी, शंकरगढ़, सामरी और जशपुर जिले के आस्ता थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही कुसमी के अनुविभागीय अधिकारी अनमोल विवेक टोप्पो, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष कुंजाम, थाना प्रभारी विरासत कुजूर और तहसीलदार राकी इक्का भी दल-बल के साथ वहां पहुंचे।
टीम ने खेत को चारों ओर से घेर लिया और अफीम के पौधों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
जंगलों के बीच चुनी गई थी जगह
अधिकारियों के अनुसार खेती के लिए ऐसी जगह का चयन किया गया था जो चारों ओर से जंगल से घिरी हुई है और जहां लोगों का आना-जाना कम रहता है। इससे खेती करने वालों को लंबे समय तक किसी की नजर में आए बिना काम करने में आसानी मिलती रही।
जानकर के द्वारा व्यवस्थित तरीके से की गई थी खेती
अधिकारियों के अनुसार अफीम की खेती बेहद व्यवस्थित तरीके से की गई थी। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि खेती करने वालों को यहां के मौसम और अफीम की खेती के तरीकों की पूरी जानकारी थी।
यह भी आशंका जताई जा रही है कि इन पौधों से पहले ही काफी मात्रा में अफीम निकालकर तस्करी की जा चुकी है। हालांकि अभी तक इसकी मात्रा और कीमत का अनुमान नहीं लगाया जा सका है।
पौधों की गिनती और जमीन की नापजोख जारी
फिलहाल प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम खेत में लगे पौधों की गिनती कर रही है और जमीन की नापजोख की जा रही है। पूरी कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


