जिसे मरा हुआ मानकर परिवार वालों ने कर दिया अंतिम संस्कार, वो शख्स पहले घर पहुंचा फिर पुलिस स्टेशन जिस शख्स की हत्या के आरोप में 4 लोग हैं जेल में बंद, उसने पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर कहा जिंदा हूं

जिसे मरा हुआ मानकर परिवार वालों ने कर दिया अंतिम संस्कार, वो शख्स पहले घर पहुंचा फिर पुलिस स्टेशन जिस शख्स की हत्या के आरोप में 4 लोग हैं जेल में बंद, उसने पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर कहा जिंदा हूं

जिसे मरा हुआ मानकर परिवार वालों ने कर दिया अंतिम संस्कार, वो शख्स पहले घर पहुंचा फिर पुलिस स्टेशन  जिस शख्स की हत्या के आरोप में 4 लोग हैं जेल में बंद, उसने पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर कहा जिंदा हूं
सीमित खाखा जिसे मृत मानकर, कर दिया गया था अंतिम संस्कार

जिसे मरा हुआ मानकर परिवार वालों ने कर दिया अंतिम संस्कार, वो शख्स पहले घर पहुंचा फिर पुलिस स्टेशन

जिस शख्स की हत्या के आरोप में 4 लोग हैं जेल में बंद, उसने पुलिस के समक्ष प्रस्तुत होकर कहा जिंदा हूं

जशपुर में सामने आया फिल्मी कहानी को भी मात देने वाला मामला

तो फिर किसकी थी वो अधजली लाश, जिसे पुलिस ने किया था बरामद और परिवार वालों ने पहचान के बाद कर दिया था अंतिम संस्कार 

लोक सीजी न्यूज / जशपुर नगर 21 दिसंबर 2025 : जशपुर सिटी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पुरनानगर के तुरीटोंगरी में हुई हत्या के प्रकरण का मृतक सीमित खाखा जीवित मिला है।

*⏺️ 18 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट के सामने शव पहचान की कार्यवाही के समय तथाकथित मृतक की मां, पत्नी और भाई ने ही मृतक के शव को सीमित खाखा के रूप में किया था पहचान,*

*⏺️ थाना सिटी कोतवाली जशपुर के अप.क्र. 297/2025 धारा 103(1), 238(क) व 61(2) बी.एन.एस. के प्रकरण में सीमित खाखा का नाम मृतक के तौर पर दर्ज है,*

*⏺️ मृत घोषित सीमित खाखा झारखंड के हजारीबाग क्षेत्र में मजदूरी कर रहा था,*

*⏺️ पुलिस द्वारा मृतक का कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष परिजनों एवं गवाहों से पहचान कार्यवाही की जा चुकी है,*

*⏺️ इसके साथ ही फारेसिंक एक्सपर्ट द्वारा सीन ऑफ क्राईम कराया गया एवं गवाहों के द्वारा भी मृतक की पहचान की जा चुकी थी,* 

*⏺️ वास्तविक मृतक की पतासाजी हेतु राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन, प्रकरण की जाॅंच जारी,*

*⏺️ पूर्व में इस प्रकरण में कुल 04 आरोपीगण गिरफ्तार हो चुके थे।*  

मृतक को सामने दिख परिवार, गांव और खुद पुलिस का सिर चकराया

सिटी कोतवाली जशपुर को दिनांक 18.10.2025 को सूचना मिली थी कि ग्राम पुरनानगर के तुरीटोंगरी में किसी व्यक्ति की अधजली शव मिली है, जिसके शरीर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ है, जिस पर सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा तत्काल घटना स्थल जाकर देखने पर मिला कि एक गड्ढे में एक युवक के शव को जलाया गया है, जिसके शरीर के चेहरे सहित अधिकांश हिस्सा जल गया था। घटना स्थल के निरीक्षण व शव के पंचनामा के पश्चात पुलिस के द्वारा, थाने में मर्ग कायम कर जांच विवेचना में लिया गया था। पुलिस के निरीक्षण के दौरान, चूंकि प्रथम दृष्टिया मामला हत्या का प्रतीत होता था, अतः पुलिस के द्वारा शव का डाॅक्टर से पीएम भी कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हत्यात्मक बताने पर, थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बी.एन.एस. की धारा 103(1) व 238(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया था।

     तो फिर किसकी थी वो अधजली लाश 

 ➡️चूंकि शव अज्ञात था व शरीर का आधे से अधिक हिस्सा जल चुका था, अतः उसकी पहचान कर, आरोपियों की पता साजी करना, पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। पुलिस के द्वारा शव की पहचान हेतु उसके फोटो को आस-पास के थानों/चौकियों में सर्कुलेट किया गया था व क्षेत्र में गुम इंसानों की जानकारी भी ली जा रही थी। साथ ही पुलिस के मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए टेक्निकल टीम की भी मदद ली जा रही थी। इसी दौरान पुलिस व टेक्निकल सेल की संयुक्त टीम को पता चला कि थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम सीटोंगा का एक युवक सीमित खाखा कुछ दिनों पूर्व अपने गांव के ही अन्य आरोपियों के साथ झारखंड के हजारीबाग में मजदूरी कर रहा था उसके साथी सीमित खाखा को हजारीबाग में ही छोड़कर वापस आ गये थे। 

 अब जांच करने वाली पुलिस टीम आफत में                   

 ➡️इस घटना में मिले शव का कार्यपालिक मजिस्ट्रेट (नायब तहसीलदार) के समक्ष शव शिनाख्ती की कार्यवाही की गई है। पुलिस के द्वारा फारेंसिक एक्सपर्ट से *पूरे घटना का "सीन ऑफ क्राईम" का रिक्रियेशन कराया गया* । मृतक के *परिजनों द्वारा उक्त शव का पहचान कर उसे सीमित खाखा का ही शव होना स्वीकार किया* है, पुलिस के द्वारा आरोपियों का न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने कथन (धारा 183 बी.एन.एस.) के तहत् कराया गया था, जिसमें *आरोपियों ने स्वयं बताया कि उन्होनें ही घटना को अंजाम दिया* है। पुलिस के द्वारा आरोपियों का कथन *न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने कराया है, जिसमें उन्होनें हत्या का अपराध घटित करना स्वीकार किया* है, दोनों ही न्यायिक प्रक्रिया *पुलिस की अनुपस्थिति में कराई गई थी।* जशपुर पुलिस द्वारा इनकी रिहाई हेतु वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।    

                     ➡️सीमित खाखा पिछले दिनों वापस अपने घर सिटोंगा लौटा तत्पष्चात् परिजनों द्वारा इसकी सूचना सिटी कोतवाली जशपुर में दिया गया। पूछताछ में सीमित खाखा ने पिछले कुछ माह से हजारीबाग क्षेत्र में काम करना बताया है। 

वर्सन 

इस प्रकरण के वास्तविक मृतक का पता लगाने हेतु राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अनुसार पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई है प्रकरण की जाॅंच जारी है इनकी रिहाई हेतु वैधानिक प्रक्रिया की जा रही है।

शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर

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