युक्तियुक्तकरण से जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाना लक्ष्य: अपर कलेक्टर
इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है।
युक्तियुक्तकरण से जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाना लक्ष्य: अपर कलेक्टर
प्रेस वार्ता आयोजित कर युक्तियुक्तकरण के संबंध में सभी शंकाओं का किया समाधान
अतिशेष शिक्षकों, रिक्त पदों और युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना की दी जानकारी
जशपुरनगर. युक्तियुक्तकरण के संबंध में शुक्रवार को अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने कलेक्टोरेट सभागार में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सभी संकाओं का समाधान किया और बताया कि युक्तियुक्तकरण किस तरह से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शासन द्वारा लिया गया निर्णय है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद भटनागर सहित पत्रकारगण उपस्थित थे।
अपर कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। नगरीय इलाकों में छात्रों की तुलना अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके चलते शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है।
इसी प्रकार प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 33 थी एवं 60 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 33 प्रधान पाठक की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 27 रिक्त पदों की निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। व्याख्याता के कुल अतिशेष पदों की संख्या 191 थी एवं 237 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 151 व्याख्याता की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। 40 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 86 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय की व्याख्याता उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सका है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है।
संभाग और शिक्षा विभाग को अतिशेष और रिक्त पदों की दी गई है जानकारी
3 जून को हुए काउसलिंग प्रक्रिया में शिक्षक पूर्व माध्यमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 336 थी एवं 72 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 34 शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। शेष 302 अतिशेष पदों की अग्रिम कार्यवाही हेतु संभाग को प्रेषित करते हुए रिक्त 38 पदों की जानकारी भी संभाग स्तर पर प्रेषित कर दी गई है। रिक्त पदों के अनुसार विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी रिक्त पदों पर पदांकन नहीं किया जा सकता है। जिसकी जानकारी भी संभाग को दे दी गई है।
इसी तरह 4 जून को हुए काउंसलिंग प्रक्रिया में सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला में कुल अतिशेष पदों की संख्या 555 थी एवं 334 रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त हुई थी। जिस पर विभाग द्वारा 334 सहायक शिक्षकों की पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। उक्त पद जिला स्तरीय होने के कारण जिला स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 299 शालाएं की गई समायोजित
अपर कलेक्टर साहू ने बताया कि जिले में पहले 18 स्कूल शिक्षक विहीन तथा 258 स्कूल में मात्र एक शिक्षक पदस्थ थे। जिसे युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत पदस्थापना नियमानुसार कर दी गई है। उन्होंने बताया कि ई संवर्ग के 28 शाखाएं एवं टी संवर्ग की 271 कुल 299 शालाएं समायोजित की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 से कम दर्ज संख्या एवं 1 किमी से कम दूरी तथा शहरी क्षेत्र के लिए 30 से कम दर्ज संख्या एवं 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाओं एवं एक ही परिसर में दो या दो से अधिक प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई हायर सेकेण्डरी शालाएं समायोजित की गई है। अतिशेष शिक्षकों युक्तियुक्तकरण शासन के द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया गया है।
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