जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लिक सेफ’: साइबर अपराध रोकथाम के लिए गांव-गांव चल रहा जागरूकता अभियान

साइबर अपराधों में बढ़ोतरी को देखते हुए जशपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लिक सेफ’ के तहत ग्रामीण अंचलों में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत दुलदुला, कुनकुरी और कांसाबेल क्षेत्र के हाट-बाजार, चौपाल और स्कूलों तक पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है।

जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लिक सेफ’: साइबर अपराध रोकथाम के लिए गांव-गांव चल रहा जागरूकता अभियान

जशपुरनगर | 27 सितम्बर 2025
साइबर अपराधों में बढ़ोतरी को देखते हुए जशपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लिक सेफ’ के तहत ग्रामीण अंचलों में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत दुलदुला, कुनकुरी और कांसाबेल क्षेत्र के हाट-बाजार, चौपाल और स्कूलों तक पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने यूनिसेफ के सहयोग से 200 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर ‘साइबर योद्धा’ तैयार किए हैं, जो गांव-गांव जाकर नागरिकों को जागरूक कर रहे हैं। 27 सितम्बर को ग्राम बटाईकेला में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के गलत उपयोग से किस तरह लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले जांच-पड़ताल करने, ओटीपी साझा न करने, अनजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड से बचने की सलाह दी गई। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग, फिशिंग, पासवर्ड सुरक्षा और सार्वजनिक वाई-फाई के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया।

पुलिस ने लोगों से कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस की मुख्य सलाह:

  • संदिग्ध लिंक, कॉल या ईमेल पर क्लिक न करें और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

  • केवल सुरक्षित और ‘https’ वेबसाइटों का ही उपयोग करें।

  • ऑनलाइन खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) सक्षम करें।

  • मजबूत पासवर्ड बनाएं और समय-समय पर बदलें।

  • सार्वजनिक वाई-फाई पर संवेदनशील लेन-देन न करें।

  • डिवाइस और ऐप्स को अपडेटेड रखें।

  • अज्ञात कॉल या मैसेज में कभी भी OTP साझा न करें।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। साइबर योद्धाओं और पुलिस टीमों के माध्यम से हम हर स्तर पर नागरिकों को शिक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।”