गणेश विसर्जन हादसे पर बवाल जारी, मुआवजे की मांग को लेकर सडक़ पर उतरी कांग्रेस मृतक का शव सडक़ पर रखकर जुरूडांड में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन
गणेश विसर्जन हादसे पर बवाल जारी, मुआवजे की मांग को लेकर सडक़ पर उतरी कांग्रेस मृतक का शव सडक़ पर रखकर जुरूडांड में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए तथा घायलों को 10-10 लाख रुपए मुबावजे की मांग
गणेश विसर्जन हादसे पर बवाल जारी, मुआवजे की मांग को लेकर सडक़ पर उतरी कांग्रेस
मृतक का शव सडक़ पर रखकर जुरूडांड में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन
मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए तथा घायलों को 10-10 लाख रुपए मुबावजे की मांग
जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज. 03 सितंबर 2025:- बगीचा थाना क्षेत्र के जुरूडांड गांव में मंगलवार रात लगभग 11 बजे गणेश विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोलेरो वाहन रौंदते हुए निकल गई। इस भयावह हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और गंभीर रूप से घायल 2 अन्य लोगों की दशा नाजुक बनी हुई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित राहत की घोषणा करते हुए मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए तथा घायलों को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही है। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इस घोषणा को नाकाफी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
हादसे के बाद बुधवार को जुरूडांड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के नेतृत्व में सडक़ पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस की मांग है कि मृतकों के परिवार को राज्य सरकार के द्वारा 50-50 लाख रुपए और घायलों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।
ऐसे ही हादसे में कांग्रेस सरकार ने दिया था 50 लाख का मुआवजा - कांग्रेस
कांग्रेस नेता विनयशील ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि दो-तीन साल पहले पत्थलगांव में दुर्गा विसर्जन के दौरान लगभग ऐसे ही हादसे में भाजपा ने सडक़ पर उतरकर मृतक के परिजनों के लिए 50 लाख रुपए की मांग की थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वह मुआवजा दिया भी था। अब भाजपा सरकार क्यों पीछे हट रही है?
बताया जा रहा है कि, हादसे में मारे गए ग्रामीण युवक के शव को सडक़ पर रखकर प्रदर्शन के चलते मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि हालात काबू से बाहर न हों। वहीं प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शव का अंतिम संस्कार कराने की अपील कर रहे हैं।


