*जशपुर के इस थाने का आरक्षक दुष्कर्म के आरोप में घिरा, आदिवासी विधवा शिक्षिका ने दर्ज कराई FIR* *फेसबुक से बढ़ी पहचान, शादी का भरोसा देकर किया शोषण; गर्भपात कराने और धमकाने का भी आरोप*
*जशपुर के इस थाने का आरक्षक दुष्कर्म के आरोप में घिरा, आदिवासी विधवा शिक्षिका ने दर्ज कराई FIR* *फेसबुक से बढ़ी पहचान, शादी का भरोसा देकर किया शोषण; गर्भपात कराने और धमकाने का भी आरोप*
*जशपुर के इस थाने का आरक्षक दुष्कर्म के आरोप में घिरा, आदिवासी विधवा शिक्षिका ने दर्ज कराई FIR*
*फेसबुक से बढ़ी पहचान, शादी का भरोसा देकर किया शोषण; गर्भपात कराने और धमकाने का भी आरोप*
लोक सीजी न्यूज/ जशपुर 11 मई 2026 : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कांसाबेल थाना में पदस्थ आरक्षक रुद्रमणी यादव पर आदिवासी विधवा शिक्षिका ने दुष्कर्म, मानसिक प्रताड़ना, धमकी और आर्थिक शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत और जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 376(2)(N) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिक्षिका के अकेलेपन का उठाया फायदा
पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उसके पति की वर्ष 2020 में मौत हो चुकी है और वह अपने दो बच्चों के साथ अकेले जीवन यापन कर रही है। जनवरी 2023 में फेसबुक के माध्यम से उसकी पहचान आरक्षक रुद्रमणी यादव से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने महिला की पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने और सहयोग करने का भरोसा दिलाया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने महिला की मजबूरी व अकेलेपन का फायदा उठाया।
आरोपी ने पीड़िता को ऐसे बनाया शिकार
महिला का आरोप है कि 28 अप्रैल 2023 को आरोपी उसे घूमाने के बहाने बटईकिला क्षेत्र ले गया, जहां सुनसान जगह पर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी लगातार अलग-अलग स्थानों पर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीड़िता के अनुसार इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने गर्भपात की दवाइयां देकर गर्भ गिरवा दिया। जनवरी 2025 में भी आरोपी द्वारा भुरसादाब क्षेत्र के जंगल में ले जाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने दूरी बनाने की कोशिश की तो मानसिक प्रताड़ना पर उतर आया
शिक्षिका ने शिकायत में बताया कि जब उसने आरोपी से दूरी बनानी शुरू की तो वह मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। आरोपी सार्वजनिक स्थानों पर गाली-गलौज कर अपमानित करता था। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके कॉल डिटेल निकलवाकर परिचितों और रिश्तेदारों को फोन किए तथा उसके बारे में गलत बातें फैलाईं। इतना ही नहीं, उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश भी की गई।
पुलिस में होने का बनाता था रौब
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने जमीन दिलाने के नाम पर उससे और उसके भाई से करीब दो लाख रुपए लिए, लेकिन कोई काम नहीं कराया। आरोपी खुद को पुलिस विभाग में प्रभावशाली बताकर धमकी देता था कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
महिला द्वारा अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी आरक्षक के खिलाफ अपराध कायम कर लिया गया है।


