प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को कुर्सी पर लादकर मुख्य मार्ग पर खड़ी एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे परिजन

प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को कुर्सी पर लादकर मुख्य मार्ग पर खड़ी एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे परिजन आजादी के 78 साल बाद भी नारायणपुर के पोखराटोली रौतिया बस्ती गांव तक नहीं बनी सडक़

प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को कुर्सी पर लादकर मुख्य मार्ग पर खड़ी एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे परिजन
प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को कुर्सी पर लादकर लेकर जाते परिजन

प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को कुर्सी पर लादकर मुख्य मार्ग पर खड़ी एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे परिजन
आजादी के 78 साल बाद भी नारायणपुर के पोखराटोली रौतिया बस्ती गांव तक नहीं बनी सडक़

जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज. जशपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र में शाम 7 बजे एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने इन क्षेत्र में हुए बुनियादी सुविधाओं की दिशा में हुए विकास को दावे को मुंह चिढ़ाता दिखाई दिया और इस दृश्य को देखने वाले द्रवित हुए बिना नहीं रह सके। जब एक गर्भवती महिला को उसके परिजन प्लास्टिक के कुर्सी पर उठाकर टार्च की रोशनी से घर और गांव से निकालकर मुख्य मार्ग पर खड़े १०८ एंबुलेंस तक पहुंचाया। 
                   मामला जशपुर जिले के नारायणपुर के पोखराटोली रौतिया बस्ती का है, जहां शनिवार की शाम एक आदिवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने पर मुख्य सडक़ तक ले जाने में परिजन सहित सहयोगियों के पसीने छूट गए।
                     ग्रामीणों ने बताया कि, यहां लंबे समय से बस्ती वालों के द्वारा पक्की नहीं तो कम से कम, मिट्टी-मुरूम सडक़ की मांग होती रही है, मगर इस पर किसी ने आज तक ध्यान नहीं दिया।
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