*रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा धरातल पर, जशपुर जिले में पत्थलगांव से झारखण्ड की सीमा तक सड़क निर्माण कार्य तेज*
*रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा धरातल पर, जशपुर जिले में पत्थलगांव से झारखण्ड की सीमा तक सड़क निर्माण कार्य तेज*
*रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा धरातल पर, जशपुर जिले में पत्थलगांव से झारखण्ड की सीमा तक सड़क निर्माण कार्य तेज*
लोक सीजी न्यूज/ जशपुरनगर 22 अप्रैल 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर रखी गई आधारशिला अब हकीकत बनती दिख रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़/झारखंड सीमा (NH-43) तक 3,147 करोड़ रुपए की लागत वाले मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
627 किमी लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है, जिसमें लगभग 384 किमी का विस्तार राज्य में है। फिलहाल 104.250 किमी लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर तेजी से काम चल रहा है।
382 संरचनाएं बनेंगी, जशपुर समेत कई जिलों को मिलेगा फायदा
इस प्रोजेक्ट के तहत 382 छोटी-बड़ी संरचनाएं बनाई जाएंगी, जिनमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर, 1 एलीवेटेड वायडक्ट, विभिन्न प्रकार के अंडरपास और 278 बॉक्स पुलिया शामिल हैं। इससे मार्ग पूरी तरह बाधारहित बनेगा।
कोरबा परियोजना इकाई के परियोजना निदेशक डीडी पार्लावर के अनुसार, यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच व्यापार और परिवहन के लिए रीढ़ साबित होगा।
जशपुर जिले की बदलेगी तकदीर
यह कॉरिडोर जशपुर जिले के लिए केवल सड़क नहीं, बल्कि लाइफलाइन साबित होगा। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह अंचल के महत्वपूर्ण नगरों- पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर-को एक सूत्र में पिरोएगा। साथ ही, यह राजमार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक शहरों को सीधे झारखंड के धनबाद से जोड़कर व्यापारिक सुगमता प्रदान करेगा।
तेज, सुरक्षित और किफायती होगी सफर
इस कॉरिडोर से यात्रा समय, ईंधन खपत और परिवहन लागत में कमी आएगी। साथ ही कोयला खदानों और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर यातायात व्यवस्था से दुर्घटनाओं और प्रदूषण में कमी आएगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


