40 वर्षीय पहाड़ी कोरवा महिला की जहरीले सांप के काटने से मौत, अपने अधूरे प्रधानमंत्री आवास में जमीन पर सो रही थी महिला,
40 वर्षीय पहाड़ी कोरवा महिला की जहरीले सांप के काटने से मौत, अपने अधूरे प्रधानमंत्री आवास में जमीन पर सो रही थी महिला, परिजनों ने कहा समय पर नहीं मिली इलाज की सुविधा
40 वर्षीय पहाड़ी कोरवा महिला की जहरीले सांप के काटने से मौत
अपने अधूरे प्रधानमंत्री आवास में जमीन पर सो रही थी महिला
परिजनों ने कहा समय पर नहीं मिली इलाज की सुविधा
जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज. जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के मरंगीपाठ में जहरीले सांप के काटने से एक और पहाड़ी कोरवा महिला की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार गांव की भूली बाई कोरवा 40 वर्ष, की मौत समय पर इलाज न मिलने के कारण हो गई।
मृतिका के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि, जनपद पंचायत बगीचा के ग्राम मरंगी पाठ आसनपानी निवासी भूली बाई अपने परिवार के साथ अधूरे प्रधानमंत्री आवास में जमीन पर सो रही थी। रात लगभग 2 बजे जहरीले सांप ने उसके पैर में डंस लिया। हालत बिगडऩे पर परिजन उसे इलाज के लिए ले जाने की जद्दोजहद में लग गए।
गांव तक पहुंचने आज तक नहीं बनी सडक़
सबसे बड़ी बात जमुनियापाठ से मरंगीपाठ तक कच्ची दुर्गम सडक़ होने के कारण बरसात में वह चलने लायक नहीं होती जिसके कारण कोई भी गाड़ी लेके यहां आना नहीं चाहते। कई बार मरीजों को ढोकर चलना पड़ता है।
अंबिकापुर ले जाने के क्रम में महिला की रास्ते में हुई मौत
उक्त मामले में गांव से लगभग 7-8 किलोमीटर दूर जाकर बोलेरो जीप की व्यवस्था की गई। भूली को अंबिकापुर ले जाया जा रहा था, लेकिन शंकरगढ़ पहुंचते ही सुबह करीब 6 बजे के आसपास उसने दम तोड़ दिया। किराए का वाहन उन्हें शंकरगढ़ अस्पताल में छोडक़र वापस लौट गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद परिजनों ने जनप्रतिनिधियों को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और दोपहर 1 बजे पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हुई। बगीचा बीएमओ डॉ सुनील लकड़ा ने शंकरगढ़ अस्पताल से संपर्क स्थापित कर शव को वापस लाने की व्यवस्था की बात कही है।
एक बार फिर सरकारी तंत्र की लापरवाही हुई उजागर
ग्राम सचिव उपनन्द यादव ने जनपद सीईओ को गुमराह करते हुए शव को सन्ना अस्पताल में होने की जानकारी दी, जबकि शंकरगढ़ में दोपहर 2:30 बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ। घटना के वक्त न सचिव, न मितानिन और न ही स्वास्थ्य अमला सक्रिय रहा। उल्लेखनीय है कि भूली बाई का पीएम आवास आज भी अधूरा है, ना तो आवास में खिडक़ी लगा है, ना दरवाजा है, वहीं पुराना घर देखरेख के अभाव में गिर रहा है।
मृतिका के परिजनों ने बताया कि, भूली बाई के पहले पति से 4 बच्चे और वर्तमान पति से भी 4 बच्चे हैं। मां के साए के बिना इन बच्चों के भविष्य पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
----------------------------------------------------------------


