हड़ताल के 22वें दिन जशपुर के एनएचएम कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, नगाड़े और पटाखों के शोर के बीच रैली निकालकर दिया सामूहिक त्यागपत्र

हड़ताल के 22वें दिन जशपुर के एनएचएम कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, नगाड़े और पटाखों के शोर के बीच रैली निकालकर दिया सामूहिक त्यागपत्र

हड़ताल के 22वें दिन जशपुर के एनएचएम कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, नगाड़े और पटाखों के शोर के बीच रैली निकालकर दिया सामूहिक त्यागपत्र
जशपुर में सीएमएचओ को सामूहिक इस्तीफा सौंपते एनएचएम कर्मचारी

हड़ताल के 22वें दिन जशपुर के एनएचएम कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

नगाड़े और पटाखों के शोर के बीच रैली निकालकर दिया सामूहिक त्यागपत्र

जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज़. 8 सितंबर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की थी जो अब भी जारी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी ने 6 सितंबर को प्रेस वार्ता में बताया कि, विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भारतीय जनता पार्टी की घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी का उल्लेख करते हुए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण का वादा किया गया था परंतु सरकार बनने के 20 माह होने के बाद और 160 से अधिक ज्ञापन मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री ,उपमुख्यमंत्री ,विधायक सांसदों को देने के पश्चात भी कोई सुनवाई नहीं हुई । निराश होकर वर्ष 2024 के विधानसभा मानसून सत्र के दौरान 22 एवं 23 जुलाई को दो दिवसीय प्रदर्शन ,1 मई 2025 को विश्व मजदूर दिवस तथा इसी वर्ष विधानसभा मानसून सत्र के दौरान 16 तथा 17 जुलाई को पुनः दो दिवसीय प्रदर्शन किया गया । 17 जुलाई को ही राज्य कार्यालय के उच्च अधिकारियों को यह अवगत कराया गया था कि यदि 15 अगस्त तक किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो उसके पश्चात कर्मचारी आंदोलन पर जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी । अवगत होना चाहेंगे कि शासन की इस प्रकार की अपेक्षा और सुस्ती ने ही 16 हज़ार एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना छोड़ आंदोलन पर जाने को विवश । स्पष्ट है कि, इस पूरे आंदोलन के लिए पूरी तरह से शासन और प्रशासन का अपेक्षा पूर्ण व्यवहार ही जिम्मेदार है। 

*ये हैं 10 सूत्री मांग-*

1- संविलियन जॉब सुरक्षा  

2- पब्लिक हेल्थ कैडर की

 स्थापना 

3- ग्रेड पे निर्धारण

4- कार्यमूल्यांकन पध्दति में सुधार

5-लंबित 27% वेतन वृद्धि

6-नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण 

7-अनुकंपा नियुक्ति

8-मेडिकल या अन्य अवकाश की सुविधा

9-स्थानांतरण नीति

10-न्यूनतम 10 लाख चिकित्सा बीमा।

शासन को जगाने, नगाड़े और पटाखों के शोर के बीच रैली निकालकर दिया सामूहिक त्यागपत्र

बीते दिनों संघ के जिला एवं राज्य स्तरीय 29 पदाधिकारियों को सेवा से पृथक किया गया था। इसके विरोध में आज जशपुर जिला इकाई द्वारा जशपुर के आठों ब्लॉक एवं जिला कार्यालय के 800 से अधिक एनएचएम कर्मचारियों द्वारा काले कपड़े पहनकर रैली निकाली। धरना स्थल से जिला कार्यालय तक ढोल- नगाड़ों और पटाखों के बीच नारा लगाते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला जशपुर को सामूहिक त्यागपत्र सौंपा। कर्मचारियों का कहना है कि हम किसी भी प्रकार के शासन की दमन कारी नीति से डरने वाले नहीं है और मांगे पूरी होने तक हड़ताल और उग्र रूप से जारी रहेगा।

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