शासन के दबाव के बीच 30वें दिन भी जारी रहा एनएचएम कर्मचारी संघ की हड़ताल,
शासन के दबाव के बीच 30वें दिन भी जारी रहा एनएचएम कर्मचारी संघ की हड़ताल, बीतते समय के साथ उग्र रूप लेता हुआ दिख रहा कर्मचारियों का आंदोलन
*शासन के दबाव के बीच 30वें दिन भी जारी रहा एनएचएम कर्मचारी संघ की हड़ताल
बीतते समय के साथ उग्र रूप लेता हुआ दिख रहा कर्मचारियों का आंदोलन
जशपुरनगर/लोक सीजी न्यूज़.16 सितंबर: - स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल पर बैठे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16000 कर्मचारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि वह 16 सितंबर यानी मंगलवार तक काम पर लौट आए, इसके पास भी कम पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों को एक महीने का नोटिस देकर नौकरी से निकाल दिया जाएगा। विभाग की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र जारी किया गया है ।आदेश में यह भी कहा गया है की हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को इस तिथि से वेतन का भुगतान भी नहीं किया जाएगा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी अपने 10 सूत्री मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर है इसके कारण प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं ठप है। कर्मचारी सरकार को खून से चिट्ठी भी लिख चुके हैं। हड़ताल के दौरान राज्य शासन ने दस में से पांच मांग पूरा करने का आश्वासन दिया था लेकिन कोई लिखित आदेश जारी नही किया। कर्मचारी इस बात पर अड़े हुए हैं कि सभी 10 मांगे पूरी की जाए तभी काम पर लौटेंगे।
*यह काम हो रहा है प्रभावित*
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुल प्रजनन दर में कमी लाना, मलेरिया, टीवी की रोकथाम के टीकाकरण करना तथा लोगों तक किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना शामिल है। यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
*सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा 12000 कर्मचारी*
इनमें सबसे ज्यादा एएनएम ,स्टाफ नर्स , सीएचओ की संख्या ज्यादा है । वही मैनेजमेंट श्रेणी के 4000 से ज्यादा कर्मचारी पदस्थ है जबकि शेष 12000 सर्विस सेक्टर में है । जिनके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग का पूरा सिस्टम चल रहा है , लेकिन 18 अगस्त के बाद से काम पूरी तरह से प्रभावित है । डाटा एंट्री के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के डेली रिपोर्टिंग भी पूरी तरह से प्रभावित है। स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ 38प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति दे रहे हैं , जबकि 60 प्रतिशत से ज्यादा संविदा कर्मचारी एनएचएम से जुड़े हुए हैं । बता दे की हड़ताल 30वें दिन में पहुंच गई है कर्मचारियों द्वारा मांग पूरी नहीं होने से नाराज होकर इच्छा मृत्यु की मांग भी की जा रही है।
*


