तारीख पर तारीख का जमाना हुआ बीते दिनों की बात नए कानून के बारे में जागरूकता के लिए जशपुर पुलिस ने कोतवाली में लगाई प्रदर्शनी बड़ी संख्या में स्कूल, कालेजों के विद्यार्थी, टीचर व जनप्रतिनिधि हुए उपस्थित

तारीख पर तारीख का जमाना हुआ बीते दिनों की बात नए कानून के बारे में जागरूकता के लिए जशपुर पुलिस ने कोतवाली में लगाई प्रदर्शनी बड़ी संख्या में स्कूल, कालेजों के विद्यार्थी, टीचर व जनप्रतिनिधि हुए उपस्थित

तारीख पर तारीख का जमाना हुआ बीते दिनों की बात  नए कानून के बारे में जागरूकता के लिए जशपुर पुलिस ने कोतवाली में लगाई प्रदर्शनी  बड़ी संख्या में स्कूल, कालेजों के विद्यार्थी, टीचर व जनप्रतिनिधि हुए उपस्थित
कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज के स्टूडेंट, शिक्षक और पुलिस अधिकारी

तारीख पर तारीख का जमाना हुआ बीते दिनों की बात

नए कानून के बारे में जागरूकता के लिए जशपुर पुलिस ने कोतवाली में लगाई प्रदर्शनी

बड़ी संख्या में स्कूल, कालेजों के विद्यार्थी, टीचर व जनप्रतिनिधि हुए उपस्थित

लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर 18 नवंबर 2025 :- सिटी कोतवाली जशपुर थाना परिसर में नवीन आपराधिक कानून के क्रियान्वयन के संबंध में जागरूकता हेतु प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों के 500 से अधिक छात्र छात्राओं ने नवीन आपराधिक कानून के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी गई।
            उप निदेशक अभियोजन सुरेश कुमार साहू ने अपने वक्तव्य में कहा कि नए कानून में हुए बदलाव का असर न्यायिक प्रक्रिया में दिखने लगा है, जो कि इस कानून का सकारात्मक पहलू है। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आरती खटकवार ने बताया कि नए कानून में हुए बदलाव महिलाओं व बच्चों को और भी अधिक न्यायिक सुरक्षा प्रदान करती है।
  
जांच की स्थिति के संबंध में, सूचना देना किया गया अनिवार्य     
       
सहायक निदेशक अभियोजन विपिन शर्मा ने उपस्थित छात्र छात्राओं को नवीन कानून के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नए कानून में पीडि़ता-शिकायतकर्ता को, उनकी शिकायत पर जांच की स्थिति के संबंध में, सूचना देना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे फोन, ई मेल, इत्यादि के माध्यम से की गई शिकायतों पर, पुलिस को जांच के उपरांत तीन दिनों में, एफ आईआर दर्ज करना आवश्यक है। साथ ही बताया गया कि आप देश में कहीं भी एफ आई आर दर्ज करा सकते हैं, जहां पुलिस शून्य में अपराध दर्ज कर, संबंधित थानों को जांच हेतु भेजती है। 

60 और 90 दिन के अंदर चालन कोर्ट में पेश करना अनिवार्य 

नवीन कानून के तहत पुलिस को महिला संबंधी अपराध पर 60 दिवस व अन्य अपराधों पर 90 दिवस के भीतर जांच विवेचना कर, चालन कोर्ट में पेश करना अनिवार्य है तथा 07 वर्ष से अधिक की सजा वाले गंभीर अपराधों में, घटना स्थल का फोरेंसिक अधिकारी के द्वारा जांच कराया जाना आवश्यक है। जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने बताया कि नए कानून में पुलिस के द्वारा घटना स्थल की तलाशी, जप्ती प्रक्रिया की कार्यवाही का ऑडियो, वीडियो ग्राफी करा जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है तथा बताया कि चिकित्सा अधिकारी को, चिकित्सा परीक्षण रिपोर्ट, बिना किसी देरी के देना प्रावधानित है। बलात्कार जैसे गंभीर प्रकरणों में 07 दिवस के भीतर मेडिकल जांच रिपोर्ट देना अनिवार्य है। पीडि़ता की जानकारी को गोपनीय रखना आवश्यक है ।
                      जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के द्वारा उपस्थित छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नए कानून में किए गए बदलाव, न्यायिक प्रक्रिया में मील का पत्थर साबित होंगे। नए कानून, दंड से न्याय की ओर, की अवधारणा को स्थापित करते हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप ही नए कानून में बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि, इस तरह का अभियान जिले के अन्य थानाध् चौकी क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा। 
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