धर्मांतरण के आरोप में रिटायर्ड महिला डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार निवास पर चंगाई सभा के दौरान हुई कार्रवाई, बीएनएस की धाराओं सहित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम में मामला दर्ज

धर्मांतरण के आरोप में रिटायर्ड महिला डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार निवास पर चंगाई सभा के दौरान हुई कार्रवाई, बीएनएस की धाराओं सहित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम में मामला दर्ज

धर्मांतरण के आरोप में रिटायर्ड महिला डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार  निवास पर चंगाई सभा के दौरान हुई कार्रवाई, बीएनएस की धाराओं सहित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम में मामला दर्ज
पुलिस की गिरफ्त में ओमेगा टोप्पो

धर्मांतरण के आरोप में रिटायर्ड महिला डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार

निवास पर चंगाई सभा के दौरान हुई कार्रवाई, बीएनएस की धाराओं सहित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम में मामला दर्ज

लोक सीजी न्यूज / जशपुरनगर, 29 जनवरी 2026।

संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के गांधीनगर थाना पुलिस ने धर्मांतरण के आरोपों के चलते रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो (66) को बुधवार को उनके नमनाकला स्थित आवास से गिरफ्तार किया। उन पर करीब एक वर्ष से घर में “चंगाई सभा” आयोजित करने और उसकी आड़ में धर्मांतरण कराने का आरोप है।

पुलिस की कार्रवाई हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद शुरू हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 जनवरी को ओमेगा टोप्पो के घर में चंगाई सभा चल रही थी, जिसमें 50–60 लोग उपस्थित थे। इसमें ईसाई समुदाय के साथ-साथ हिंदू समाज के लोग भी शामिल थे। आरोप है कि सभा में मौजूद 4–5 लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा था।

पुलिस कार्रवाई का विरोध, रजिस्टर जब्त

मौके पर पहुंची पुलिस से ओमेगा टोप्पो ने कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज और पहचान पत्र दिखाने की मांग की। उन्होंने एक रजिस्टर भी प्रस्तुत किया, जिसमें उपस्थित लोगों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे। पुलिस ने रजिस्टर को जब्त कर लिया।

सभा में मौजूद कुछ लोगों ने भी पुलिस की कार्यवाही पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जांच सभा समाप्त होने के बाद की जा सकती है।

थाने से फरार होने के बाद की गिरफ्तारी

चंगाई सभा से पुलिस ओमेगा टोप्पो को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी, जहां से वह फरार हो गईं। इसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी रही। बुधवार को सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने उन्हें उनके निवास से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने ओमेगा टोप्पो के खिलाफ

बीएनएस की धारा 270, 299

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5(क)

के तहत अपराध दर्ज किया है।